Taal Thok Ke: 'कांवड़' का धर्म...| काली सेना...
Taal Thok Ke: 'कांवड़' का धर्म... | Kanwar Yatra 2025 | Kali Sena...
शांभवी पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज आज संपूर्ण विश्व के हिन्दू समाज के लिए प्रेरणा स्रोत और मार्गदर्शक के रूप में स्थापित हैं।
आपने सदैव सनातन वैदिक धर्म की रक्षा और पुनर्स्थापना का संकल्प लिया है तथा भगवान आदि शंकराचार्य की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भारत को एक सशक्त और एकजुट हिन्दू राष्ट्र के रूप में देखने का संकल्प किया है। सन 2012 में स्वामी जी ने हिन्दुत्व की सबसे अधिक संकटग्रस्त भूमि केरल को अपनी कर्मभूमि के रूप में चुना और कोकोनट आर्मी की स्थापना की, जिसका उद्देश्य धर्मांतरण को रोकना था।
क्रांतिकारी वंश परंपरा से प्रेरणा पाकर स्वामी जी ने एक संगठित और अनुशासित हिन्दू रक्षा संगठन काली सेना का निर्माण किया। इस सेना का ढांचा भारतीय सेना के अनुशासन पर आधारित है, जिसमें सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और प्रशिक्षित स्वयंसेवक सक्रिय योगदान देते हैं| काली सेना के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं |
स्वामी जी का दृढ़ विश्वास है कि भारत की आत्मा धर्म से अलग नहीं हो सकती। इसलिए सच्ची प्रगति तभी संभव है जब समाज आध्यात्मिक शक्ति, सांस्कृतिक गौरव और एकता से परिपूर्ण हो। हमारा प्रयास है कि सेवा, संगठन और विश्वास के माध्यम से एक ऐसा भविष्य निर्मित किया जाए, जहाँ सनातन संस्कृति सुरक्षित और समृद्ध बनी रहे।
शांभवी पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज वर्तमान आर्यावर्त नहीं अपितु निखिल विश्व के हिन्दू समाज के हृदय की पीड़ा को व्यक्त करने का माधयम बने हुए हैं। जब जहां कहीं भी शोषित हिन्दू समाज को शोषण से मुक्त कराने की बात आई, स्वामी जी सदैव अग्रिम पक्ति में खड़े रहे। सनातन वैदिक हिन्दू धर्म को पुनर्स्थापित करने वाले भगवान आदि शंकराचार्य जी के परंपरा को आगे बढ़ाने वाले स्वामी जी ने हिन्दुस्थान को पुनः हिन्दू राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है।
दूरदर्शी महाराज जी ने अपने संकल्प को सिद्ध करने हेतु 2012 ईस्वी में हिन्दुत्व के सर्वाधिक संकटग्रस्त भूमि केरल को अपना कर्म भूमि बनाया और कोकोनट आर्मी की स्थापना की जिसका मुख्य उद्देश्य धर्मातरण को रोकना था। महाराज जी अपने उद्देश्य में एक सीमा तक सफल रहे।
चूंकि महाराज जी अंग्रेजों के विरुद्ध प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के महानायक हुतात्मा मंगल पाण्डेय के वंश है और क्रांतिकारी स्वभाव आपकी धमनियों में जन्म से विद्यमान है इसलिए महाराज जी ने एक सशस्त्र सैन्य बल की कल्पना की। भारत माता के अमर सपूत बलिदानी मंगल पाण्डेय के सैन्य दल का नाम काली पलटन से प्रेरणा लेते हुए महाराज जी ने अपने प्रस्तावित हिन्दू सशस्त्र बल का नाम काली सेना रखा और उसके सांगठनिक ढांचा को आकार दिया।
अजनाभवर्ष की सात पूरियों के दृष्टिगत काली सेना को सात कमानें में विभक्त किया गया है जिसका एक केंद्रीय एकीकृत मुख्यालय है। प्रत्येक कमान में भारतीय सेना से अवकाश प्राप्त सैन्य जवानों और अधिकारियों की सेवाएं ली जाती हैं जिसका लाभ काली सेना को प्राप्त हो सके।
काली सेना का मुख्य उद्देश्य भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना है।
हिन्दू राष्ट्र के मार्ग में आने वाली प्रत्येक बाधा का दमन करना काली सेना का दूसरा उद्देश्य है।
लव जेहाद अर्थात हिन्दू कन्याओं को फंसाकर बच्चे पैदा कर छोड़ देना या काट।
Draft Constitution for Hindu Rashtra by Kali Sena
शांभवी पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज वर्तमान आर्यावर्त नहीं अपितु निखिल विश्व के हिन्दू समाज के हृदय की पीड़ा को व्यक्त करने का माध्यम बने हुए हैं।
जब जहां कहीं भी शोषित हिन्दू समाज को शोषण से मुक्त कराने की बात आई, स्वामी जी सदैव अग्रिम पक्ति में खड़े रहे। सनातन वैदिक हिन्दू धर्म को पुनर्स्थापित करने वाले भगवान आदि शंकराचार्य जी के परंपरा को आगे बढ़ाने वाले स्वामी जी ने हिन्दुस्थान को पुनः हिन्दू राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है। दूरदर्शी महाराज जी ने अपने संकल्प को सिद्ध करने हेतु 2012 ईस्वी में हिन्दुत्व के सर्वाधिक संकटग्रस्त भूमि केरल को अपना कर्म भूमि बनाया और कोकोनट आर्मी की स्थापना की जिसका मुख्य उद्देश्य धर्मातरण को रोकना था। महाराज जी अपने उद्देश्य में एक सीमा तक सफल रहे। चूंकि महाराज जी अंग्रेजों के विरुद्ध प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के महानायक हुतात्मा मंगल पाण्डेय के वंश है और क्रांतिकारी स्वभाव आपकी धमनियों में जन्म से विद्यमान है इसलिए महाराज जी ने एक सशस्त्र सैन्य बल की कल्पना की। भारत माता के अमर सपूत बलिदानी मंगल पाण्डेय के सैन्य दल का नाम काली पलटन से प्रेरणा लेते हुए महाराज जी ने अपने प्रस्तावित हिन्दू सशस्त्र बल का नाम काली सेना रखा और उसके सांगठनिक ढांचा को आकार दिया। अजनाभवर्ष की सात पूरियों के दृष्टिगत काली सेना को सात कमानें में विभक्त किया गया है जिसका एक केंद्रीय एकीकृत मुख्यालय है। प्रत्येक कमान में भारतीय सेना से अवकाश प्राप्त सैन्य जवानों और अधिकारियों की सेवाएं ली जाती हैं जिसका लाभ काली सेना को प्राप्त हो सके। काली सेना का मुख्य उद्देश्य भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना है। हिन्दू राष्ट्र के मार्ग में आने वाली प्रत्येक बाधा का दमन करना काली सेना का दूसरा उद्देश्य है। लव जेहाद अर्थात हिन्दू कन्याओं को फंसाकर बच्चे पैदा कर छोड़ देना या काट।
अजनाभवर्ष की सात पूरियों के दृष्टिगत काली सेना को सात कमानों में विभक्त किया गया है।
लव जेहाद और धर्मांतरण जैसे षड्यंत्रों का कठोरता से दमन करना हमारा मुख्य उद्देश्य है।
प्रत्येक कमान में भारतीय सेना से अवकाश प्राप्त सैन्य जवानों और अधिकारियों की सेवाएं ली जाती हैं ताकि संगठन को सैन्य अनुशासन और अनुभव का पूर्ण लाभ प्राप्त हो सके।
हिन्दू राष्ट्र के मार्ग में आने वाली प्रत्येक बाधा का दमन करना काली सेना का लक्ष्य है।
सेवा, संस्कार और साहस के साथ समाज उत्थान ही हमारा परम धर्म है।
शांभवी पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज आज संपूर्ण विश्व के हिन्दू समाज के लिए प्रेरणा स्रोत और मार्गदर्शक के रूप में स्थापित हैं। आपने सदैव सनातन वैदिक धर्म की रक्षा और पुनर्स्थापना का संकल्प लिया है।
भगवान आदि शंकराचार्य की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आपने भारत को एक सशक्त और एकजुट हिन्दू राष्ट्र के रूप में देखने का संकल्प किया है। सन 2012 में स्वामी जी ने हिन्दुत्व की सबसे अधिक संकटग्रस्त भूमि केरल को अपनी कर्मभूमि के रूप में चुना और कोकोनट आर्मी की स्थापना की, जिसका उद्देश्य धर्मांतरण को रोकना था।
क्रांतिकारी वंश परंपरा से प्रेरणा पाकर स्वामी जी ने एक संगठित और अनुशासित हिन्दू रक्षा संगठन 'काली सेना' का निर्माण किया। इस सेना का ढांचा भारतीय सेना के अनुशासन पर आधारित है, जिसमें सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और प्रशिक्षित स्वयंसेवक सक्रिय योगदान देते हैं।
भारत की हिन्दू पहचान की रक्षा करना।
सनातन संस्कृति और मूल्यों को कमजोर करने वाले प्रत्येक षड्यंत्र का प्रतिकार करना।
समाज में जागरूकता और आत्मरक्षा की भावना जगाना।
स्वामी जी का दृढ़ विश्वास है कि भारत की आत्मा धर्म से अलग नहीं हो सकती। इसलिए सच्ची प्रगति तभी संभव है जब समाज आध्यात्मिक शक्ति, सांस्कृतिक गौरव और एकता से परिपूर्ण हो। हमारा प्रयास है कि सेवा, संगठन और विश्वास के माध्यम से एक ऐसा भविष्य निर्मित किया जाए, जहाँ सनातन संस्कृति सुरक्षित और समृद्ध बनी रहे।
हिन्दू राष्ट्र के संकल्प में अपना योगदान दें
काली सेना का प्रत्येक कार्य समाज के सहयोग और विश्वास से संचालित होता है। आपके द्वारा दिया गया एक-एक रुपया हिन्दू समाज की सुरक्षा, संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में समर्पित किया जाता है।
दान देने के पश्चात कृपया रसीद हेतु हमें सूचित करें।
भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए, लव जेहाद, लैंड जेहाद, जनसंख्या जेहाद, थूक और मूत्र जेहाद से मुक्ति के लिए काली सेना का सदस्य बनिए। आइए मिलकर एक मजबूत हिंदू राष्ट्र भारत का निर्माण करते हैं।
29 July
इसके संरक्षण तथा प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से की गई
Shambhavi Math, Shankarpur, Kasesar, Ballia, Uttar Pradesh - -221716
00 August
हरि द्वार मेंगगं ा नदी मेंभारी प्रदषूण को देखके स्वामी जी को बहोत दखु हुआ ।
Haridwar, Haridwar, Uthrakhand
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काली सेना 2025